प्रधानमंत्री आवास योजना घोटाला: ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव पर फर्जी तरीके से लाभ पहुंचाने का मुकदमा दर्ज

निचलौल, महराजगंज। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में अपात्र व्यक्तियों को फर्जी तरीके से लाभ दिलाने के गंभीर आरोपों में ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है। इस घटनाक्रम से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। यह मामला बकुलडीहा गांव का है, जो ठूठीबारी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

बकुलडीहा निवासी रामनयन की शिकायत पर कोर्ट के आदेश के बाद पूर्व पंचायत सचिव राजीव रामचंद्रन और ग्राम प्रधान ननकू प्रसाद के विरुद्ध धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपात्र व्यक्तियों को लाभ पहुंचाया। 

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का उद्देश्य गरीबों को पक्का मकान मुहैया कराना है, लेकिन इस योजना में ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव ने कथित रूप से नियमों को ताक पर रखते हुए अपात्र व्यक्तियों को योजना का लाभ दिलाया। ग्राम बकुलडीहा के निवासी रामनयन ने इस घोटाले की पोल खोलते हुए कोर्ट में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि योजना का लाभ अपात्र व्यक्तियों को पहुंचाने के लिए फर्जी दस्तावेज बनाए गए।

शिकायत के बाद इस मामले की जांच की गई, जिसमें आरोप सही पाए गए। जांच के दौरान स्पष्ट हुआ कि ग्राम प्रधान ननकू प्रसाद और पंचायत सचिव राजीव रामचंद्रन ने मिलकर सरकारी योजना का दुरुपयोग किया। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस गड़बड़ी के चलते वास्तविक लाभार्थी योजना से वंचित रह गए।

कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महराजगंज के आदेश के बाद ठूठीबारी कोतवाली में पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। ठूठीबारी थाना प्रभारी योगेंद्र कुमार ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि धोखाधड़ी और कूटरचित अभिलेखों के आधार पर फर्जी तरीके से लाभ दिलाने का मामला दर्ज हुआ है। 

इस घटना से बकुलडीहा और आसपास के गांवों में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की धोखाधड़ी से योजना का उद्देश्य खत्म हो जाता है और वास्तविक जरूरतमंद लोग इसके लाभ से वंचित रह जाते हैं। ग्रामीणों ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है और यह भी उम्मीद जताई है कि इस तरह के भ्रष्टाचार पर प्रशासन की पैनी नजर होगी।

अगले कदम पर निगाहें

मामला अब कानूनी प्रक्रिया के अधीन है और आरोपी पंचायत सचिव व ग्राम प्रधान के खिलाफ आगे की कार्रवाई कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार होगी। पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है और उम्मीद जताई जा रही है कि इस घोटाले में शामिल अन्य लोगों का भी पर्दाफाश किया जा सकता है। 

अधिकारियों की भूमिका पर सवाल

इस मामले ने सरकार की ग्रामीण विकास योजनाओं की निगरानी और निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसी योजनाओं का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंदों की मदद करना होता है, लेकिन जब अधिकारी ही इन योजनाओं में फर्जीवाड़ा करने लगते हैं, तो यह चिंता का विषय बन जाता है।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आशा की किरण है, लेकिन इस तरह के घोटाले इसकी साख को प्रभावित कर सकते हैं। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने इस मामले की गहन जांच और दोषियों को कड़ी सजा की मांग की है। 

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में भ्रष्टाचार का यह मामला सरकार की योजनाओं की पारदर्शिता और ईमानदारी पर सवाल उठाता है। ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव के खिलाफ दर्ज किए गए इस धोखाधड़ी के मामले ने न केवल बकुलडीहा गांव में बल्कि पूरे महराजगंज जिले में हलचल मचा दी है। अब सभी की निगाहें प्रशासन और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को कैसे रोका जाएगा।


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